मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले इस ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को रोकना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह नारी शक्ति का सीधा अपमान भी है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्ष लगातार इसमें बाधा डालता रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक का विरोध करने के साथ-साथ उसका मजाक उड़ाना महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में अवरोध खड़े किए गए हों। पूर्व में भी ऐसे कई अवसर आए हैं जब महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य और केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं और भविष्य में भी इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 ही नहीं, हर चुनाव में, हर स्तर पर, हर जगह विपक्ष को इस शर्मनाक कृत्य की क़ीमत चुकानी पड़ेगी।
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