हल्द्वानी/रुद्रपुर, 9 जुलाई। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह-संयोजक (चिकित्सा प्रकोष्ठ) डॉ. संदीप गौड़ ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में हुए हालिया स्थानांतरणों पर रोक लगाने की मांग करते हुए प्रदेश अध्यक्ष को दो अलग-अलग पत्र प्रेषित किए हैं। उन्होंने जनहित, चिकित्सा शिक्षा तथा पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को देखते हुए स्थानांतरण आदेशों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
पहले पत्र में डॉ. गौड़ ने राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के प्रोफेसर एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार सिंह के हरिद्वार स्थानांतरण पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि डॉ. अमित कुमार सिंह बाल रोग विभाग के साथ-साथ मेडिकल सुपरिटेंडेंट का अतिरिक्त दायित्व भी निभा रहे हैं। उनके निर्देशन में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से स्वीकृत एमडी (पोस्ट ग्रेजुएट) की पढ़ाई संचालित हो रही है तथा उनके प्रयासों से बाल रोग विभाग में सुपर स्पेशियलिटी (डीएम) पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
पत्र में कहा गया है कि डीएम (सुपर स्पेशलिटी) पाठ्यक्रम शुरू होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा, उत्तराखंड का पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज होगा, जहां बाल रोग विभाग में सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई होगी। ऐसे में उनके स्थानांतरण से चिकित्सा शिक्षा और पर्वतीय क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। डॉ अमित कुमार सिंह स्वयं भी दुर्गम क्षेत्र अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं, जबकि इसके विपरीत कई चिकित्सक दुर्गम मेडिकल कॉलेज में सेवा देने से बचते हैंl इसलिए उनका स्थानांतरण रोककर उन्हें अल्मोड़ा में ही कार्यरत रखा जाए।
दूसरे पत्र में डॉ. गौड़ ने राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के पीएमआर (फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन) विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिन जोशी के अल्मोड़ा स्थानांतरण पर भी रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि डॉ. जोशी पीएमआर विभाग में एकमात्र विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में कार्यरत थे और उनके स्थानांतरण से विभाग के प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। क्योंकि स्थानांतरण के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कोई भी पी एम आर का विषय विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैl
पत्र में उल्लेख किया गया है कि पीएमआर विभाग में प्रतिदिन लगभग 60 से 100 मरीजों का उपचार किया जाता है। यहां बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, दुर्घटना एवं लकवा पीड़ित मरीजों के अलावा राज्य और अंतरराज्य स्तर के खिलाड़ियों का भी उपचार किया जाता है। हल्द्वानी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल स्टेडियम होने के कारण इस विभाग की उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है।
डॉ. संदीप गौड़ ने प्रदेश अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि जनहित, चिकित्सा शिक्षा, मरीजों की सुविधा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए दोनों चिकित्सकों के स्थानांतरण पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि चिकित्सा संस्थानों की शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित होती रहें।
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