पवित्र पर्व गणेश चतुर्थी के पावन मौके पर बाबा केदार के दर्शन की आस लगाए बैठे हजारों श्रद्धालुओं पर आज सुबह दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उत्तराखंड के चीरबासा क्षेत्र में भारी भूस्खलन और लगातार गिरते पत्थरों के चलते केदारनाथ यात्रा को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक दिया गया है।
पहाड़ों पर कुदरत के इस कहर ने केदारनाथ पैदल मार्ग को मलबे में तब्दील कर दिया है। चीरबासा हेलीपैड के पास रास्ता पूरी तरह ब्लॉक होने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को गौरीकुंड और सोनप्रयाग में ही रोक दिया है। उत्तर भारत में एक तरफ त्योहार की रौनक थी, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने 17 राज्यों में भीषण बारिश और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी कर दिया है।
प्रशासनिक बदहाली और मौसम के इस दोहरे वार से गौरीकुंड में फंसे हजारों यात्री भीषण ठंड और असुविधा के बीच फंसे हुए हैं। हर तरफ चीख-पुकार और अपनों को तलाशते लोगों का हुजूम है। सवाल यह उठ रहा है कि मौसम विभाग की अग्रिम चेतावनी के बावजूद यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
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