उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो ‘हैलो हल्द्वानी’ 91.2 एफएम की अनूठी पहल; कुमाऊनी के बाद गढ़वाली भाषा में भी प्रसारण शुरू
हल्द्वानी। उत्तराखंड की लोकभाषाओं, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देने की दिशा में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो ‘हैलो हल्द्वानी’ 91.2 एफएम ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण कुमाऊनी के साथ-साथ गढ़वाली भाषा में भी किया जाएगा। रविवार को ‘मन की बात’ के नवीनतम एपिसोड का गढ़वाली भाषा में रूपांतरण पहली बार प्रसारित किया गया।
उल्लेखनीय है कि ‘हैलो हल्द्वानी’ पर पहले से ही प्रधानमंत्री के कार्यक्रम ‘मन की बात’ का कुमाऊनी भाषा में प्रसारण किया जा रहा है। इस पहल को विस्तार देते हुए अब गढ़वाली भाषा को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके तहत प्रत्येक रविवार को शाम 7 बजे कुमाऊनी और 7:30 बजे गढ़वाली भाषा में ‘मन की बात’ का प्रसारण किया जाएगा।
इसके लिए प्रधानमंत्री के मूल कार्यक्रम के प्रसारण के बाद उसकी स्क्रिप्ट का कुमाऊनी एवं गढ़वाली भाषाओं में अनुवाद किया जाता है। इसके उपरांत विश्वविद्यालय के रेडियो उद्घोषकों एवं शिक्षकों द्वारा संबंधित भाषाओं में स्क्रिप्ट की रिकॉर्डिंग कर श्रोताओं तक पहुंचाई जाती है।
कार्यक्रम का प्रसारण प्रत्येक रविवार को ‘हैलो हल्द्वानी’ 91.2 एफएम पर किया जाएगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के ‘हैलो हल्द्वानी’ रेडियो ऐप के माध्यम से भी श्रोता इन कार्यक्रमों को सुन सकेंगे। इससे उत्तराखंड की लोकभाषाओं में प्रसारित इस विशेष कार्यक्रम का लाभ देश-विदेश में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडवासियों को भी मिलेगा।
विश्वविद्यालय के रेडियो प्रभारी प्रो. राकेश चन्द्र रयाल ने कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संभव हो पाई है। उन्होंने कहा कि ‘हैलो हल्द्वानी’ रेडियो ऐप के माध्यम से अब विश्वविद्यालय का सामुदायिक रेडियो वैश्विक स्तर पर श्रोताओं तक अपनी पहुंच बना रहा है। रेडियो का उद्देश्य केवल सूचना एवं मनोरंजन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकभाषाओं, संस्कृति और स्थानीय ज्ञान परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाना भी है।
प्रो. रयाल ने बताया कि रेडियो की टीम ने प्रसारण गतिविधियों को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रेडियो पॉडकास्ट की शुरुआत भी की है। इसके माध्यम से विभिन्न विषयों, सामाजिक सरोकारों, शिक्षा, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सामग्री श्रोताओं तक पहुंचाई जाएगी।
गढ़वाली और कुमाऊनी भाषाओं में ‘मन की बात’ का प्रसारण उत्तराखंड की समृद्ध भाषाई विरासत को संजोने, लोकभाषाओं को जन-जन तक पहुंचाने तथा नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषाओं से जोड़ने की दिशा में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो की एक सार्थक और अभिनव पहल है।
About The Author
You may also like
श्रीरामलीला में सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का भव्य मंचन, देर रात तक जमी रही दर्शकों की भीड़
श्रीलंका में उत्तराखंड की स्वदेशी ज्ञान परंपरा की गूंज, डॉ. महेंद्र पाल सिंह परमार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया शोध पत्र
बड़ी खबर : प्रदेश में 400 से अधिक बेसिक शिक्षकों की रिक्त पदों पर होगी भर्ती, शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश
पहाड़ की संस्कृति बड़े पर्दे पर!, गढ़वाली फिल्म सुपन्यू’ पोस्टर और ट्रेलर लॉन्च
भ्रष्टाचार : नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान के वित्तीय-प्रशासनिक अधिकार छीने, एडीएम पौड़ी को मिला प्रभार

