उत्तराखंड के बागेश्वर में जिला अस्पताल में क्लर्क के पद पर कार्यरत मोहित मेहरा की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दयांगढ़ बाईपास के पास गोमती नदी में उनकी स्कूटी मिलने के बाद शुरू हुआ खोज अभियान मंगलवार सुबह उनके शव की बरामदगी के साथ समाप्त हुआ। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि जिला अस्पताल के कर्मचारियों में भी शोक छा गया।जानकारी के अनुसार, मोहित मेहरा पुत्र मोहन सिंह मेहरा मूल रूप से एराड़, पंतकोटली, रानीखेत, जनपद अल्मोड़ा के निवासी थे। वह मृतक आश्रित कोटे से जिला चिकित्सालय बागेश्वर में क्लर्क के पद पर नियुक्त हुए थे और वर्तमान में अडौली में किराए के कमरे में रह रहे थे।सोमवार देर शाम मोहित मेहरा के लापता होने की सूचना मिलने के बाद उनकी तलाश शुरू की गई। इसी दौरान दयांगढ़ बाईपास के पास गोमती नदी में उनकी स्कूटी मिलने से मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसके बाद पुलिस, फायर सर्विस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर खोज अभियान चलाया। टीमों ने रातभर नदी में तलाश की।
काफी खोजबीन के बाद मंगलवार सुबह मोहित मेहरा का शव गोमती नदी से बरामद किया गया। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।मोहित मेहरा की असमय मौत की खबर से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं, जिला अस्पताल में उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों में भी शोक की लहर है। सहकर्मी अपने साथी की मौत से स्तब्ध हैं। फिलहाल इस घटना से जुड़े हादसे कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मोहित मेहरा की मौत से उनके परिचितों और सहकर्मियों में गहरा दुख है
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