कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध एवं सुलोचना सती की लीला का हुआ भव्य मंचन

*श्रीरामलीला महोत्सव में भावुक हुए दर्शक, अतिथियों एवं कीर्तन मंडलियों को किया गया सम्मानित ।*
*प्रतीतनगर, रायवाला। 03 नवंबर 2026।*

प्रतीतनगर गांव के वार्ड नंबर 06 स्थित प्राथमिक विद्यालय, श्रीरामलीला चौक में लोक कल्याण समिति, प्रतीतनगर (रजिस्टर्ड) की ओर से आयोजित पंचम श्रीरामलीला महोत्सव में सोमवार को कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध एवं सुलोचना सती की लीलाओं का भव्य और भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय और जीवंत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं सुलोचना सती की मार्मिक लीला ने उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं।

श्रीरामलीला महोत्सव के मुख्य मंच उद्घोषक एवं लोक कल्याण समिति के प्रवक्ता विरेन्द्र नौटियाल (वीरू) ने बताया कि लक्ष्मण जी के स्वस्थ होने के बाद युद्ध दोबारा प्रारंभ होने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। रावण ने एक-एक कर दुर्मुख, देवांतक, अतिकाय और अकंपन को युद्धभूमि में भेजा, लेकिन भगवान श्रीराम की सेना ने सभी का वध कर दिया।

इसके बाद रावण ने कुंभकर्ण को उसकी गहरी नींद से जगवाया और माता सीता के हरण से लेकर युद्ध तक की पूरी घटना बताई। कुंभकर्ण ने रावण को भगवान श्रीराम की शरण में जाने की सलाह दी, लेकिन अहंकार में डूबे रावण ने उसकी बात नहीं मानी। अंततः कुंभकर्ण युद्धभूमि में पहुंचा, जहां भगवान श्रीराम ने उसका वध कर दिया।

लगातार राक्षसों के मारे जाने से विचलित मेघनाद ने अजेय होने के उद्देश्य से यज्ञ प्रारंभ किया। इसकी जानकारी विभीषण ने भगवान श्रीराम को दी और बताया कि यदि मेघनाद का यज्ञ सफल हो गया तो उसे पराजित करना असंभव हो जाएगा। भगवान श्रीराम की आज्ञा से लक्ष्मण जी ने यज्ञ का विध्वंस कर दिया। इसके पश्चात हुए भीषण युद्ध में लक्ष्मण जी ने मेघनाद का वध कर दिया।

इसके बाद मेघनाद की पत्नी सुलोचना के सती होने की अत्यंत मार्मिक लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम ने सुलोचना की प्रार्थना स्वीकार की, जिसके बाद वह अपने पति का शीश लेकर लंका लौट आई। लंका में समुद्र तट पर चंदन की चिता तैयार की गई। पति का शीश गोद में लेकर सुलोचना चिता पर बैठ गई और अग्नि में सती हो गई। इस दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

अतिथियों एवं कीर्तन मंडलियों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर लोक कल्याण समिति की ओर से महोत्सव के मुख्य अतिथि डॉ. राजे सिंह नेगी सुप्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक एवं संस्थापक अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा भारत, अति विशिष्ट अतिथि दिनेश शर्मा खाद्य आपूर्ति अधिकारी एवं जिलाध्यक्ष, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति संघ, जनपद हरिद्वार, हिमांशु दिलीप रावत केंद्रीय प्रवक्ता उत्तराखंड क्रांति दल, वैभव सिंह प्रदेश सचिव उत्तराखंड क्रांति दल, जय सिंह जिला उपाध्यक्ष (कार्यकारी) परवादून तथा मनीष सेमवाल, सीईओ, थीम योर ड्रीम एवं निदेशक, अग्रमन्य सामाजिक कल्याण संस्था को दरबार की माला एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही प्रतीतनगर एवं आसपास के क्षेत्र की विभिन्न कीर्तन मंडलियों को भी सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों ने लोक कल्याण समिति के इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन की सराहना करते हुए समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।

कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से मोहा मन
श्रीराम की भूमिका सौरभ चमोली, लक्ष्मण की भूमिका चन्द्रमणि शर्मा, हनुमान की भूमिका आशीष सेमवाल, रावण की भूमिका सचिन गौड़, विभीषण एवं मेघनाद की भूमिका सूरज चमोली, कुंभकर्ण की भूमिका बिजेंद्र पैन्यूली तथा सुलोचना की भूमिका राहुल कोहली ने निभाई।

समिति के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर श्रीरामलीला महोत्सव के मुख्य मंच उद्घोषक एवं लोक कल्याण समिति के प्रवक्ता विरेन्द्र नौटियाल (वीरू), मुख्य एवं वरिष्ठ निर्देशक महेंद्र सिंह राणा, ग्राम प्रधान प्रतीतनगर राजेश जुगलान, समिति अध्यक्ष गंगाधर गौड़, सचिव नरेश थपलियाल, कोषाध्यक्ष मुकेश तिवाड़ी, सदस्य नवीन चमोली, आशीष सेमवाल, राजेंद्र प्रसाद तिवाड़ी एवं सुनील तिवाड़ी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

संगीत पक्ष में तबले पर कमल रामानुज (बिट्टू), ऑक्टोपैड पर कुनाल शर्मा एवं हारमोनियम पर पूरण चंद ने शानदार संगत देकर प्रस्तुतियों को और भी प्रभावशाली बनाया।

कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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