18 अगस्त का दिन पिथौरागढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन स्वर्गीय श्री रॉबिन सिंह बीसिंग जी के अथक प्रयासों से बी.डी. पांडे जिला अस्पताल, पिथौरागढ़ में डायलिसिस यूनिट की शुरुआत संभव हुई थी। इस जनसेवा के लिए पूरा पिथौरागढ़ सदैव उनका ऋणी रहेगा।
एक सीमांत जनपद होने के कारण पहले पिथौरागढ़ के लोगों को डायलिसिस के लिए हल्द्वानी अथवा बरेली जैसे दूरस्थ शहरों का रुख करना पड़ता था। इस पीड़ा को स्वर्गीय रॉबिन सिंह बीसिंग जी और उनके परिवार ने स्वयं भी महसूस किया। इसी अनुभव ने उन्हें दूसरों के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने डायलिसिस सुविधा के लिए निरंतर प्रयास किए, संबंधित स्तरों पर ज्ञापन दिए और शासन-प्रशासन के समक्ष इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को मजबूती से रखा। हंस फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराई गई डायलिसिस मशीनों में तकनीशियन की व्यवस्था करवाने से लेकर यूनिट को सुचारु रूप से प्रारंभ कराने तक उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया।
उनका यह प्रयास केवल एक सुविधा की शुरुआत नहीं था, बल्कि सीमांत क्षेत्र के असंख्य जरूरतमंद मरीजों के जीवन में उम्मीद की एक नई किरण था। आज पिथौरागढ़ में अनेक लोग अपने ही जनपद में डायलिसिस की सुविधा प्राप्त कर पा रहे हैं—यह स्वर्गीय रॉबिनसन बी सिंह जी की सेवा भावना और दूरदर्शिता की जीवंत मिसाल है।
आज हम उनके महान योगदान, सेवा भावना और मानवीय संवेदनशीलता को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
उनका शरीर भले हमारे बीच नहीं है, लेकिन जनसेवा के रूप में उनके किए हुए कार्य आज भी जीवित हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
स्वर्गीय श्री रॉबिनसन बी सिंह जी को शत्-शत् नमन एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
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