जेडीयू के विधायक अनंत सिंह को बड़ा झटका लगा है। दुलारचंद यादव हत्याकांड केस में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट का कहना है कि हत्या के मामले को केवल राजनीतिक विवाद के मामले के तौर पर देखना गलत है। मामले में जांच जारी है। उसके बाद मुकदमे के समय गवाहों का परीक्षण होगा। तब सरेंडर करने के लिए कहा जाएगा। कानूनपढ़ें
अनंत सिंह को जाना होगा जेल
कोर्ट ने कहा कि हम हाई कोर्ट का आदेश स्थगित कर रहे हैं।1 दिसंबर तक आरोपी को सरेंडर करना होगा। पुलिस को भी निर्देश दिए गए कि वो 4 महीने में जांच पूरी करे। तो वहींअनंत सिंह ने बेटी की शादी का हवाला देकर तुरंत सरेंडर ना करने का अनुरोध किया था।
अनंत सिंह को पार्टी ने निकाला बाहर
मालूम हो कि हाल ही में जेडीयू ने अनंत सिंह को पार्टी से निकाल दिया था। इसके साथ ही स्पीकर को भी पार्टी ने विधायकी खत्म करने के लिए पत्र लिखा है। इसी को लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा से सवाल पूछा गया है। जिसपर उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन ने चलती है। पार्टी में फैसला सबकी सहमति से होता है। नीतीश कुमार अंतिम मुहर लगाते हैं।
क्या है अनंत सिंह पर आरोप?
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह को जेडीयू ने मोकामा से टिकट दिया। जहां उन्होंने जीत दर्ज की। चुनाव प्रचार के समय 30 अक्टूबर को दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई। अनंत सिंह पर हत्या का आरोप लगा। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बता दें कि दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी का प्रचार कर रहे थे।
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