


उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी एवं होटल मैनेजमेंट विद्याशाखा द्वारा सीका के सहयोग से विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर “डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रिडिजाइन टूरिज्म” विषय पर ऑनलाइन राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रो. एम.एम. जोशी, निदेशक, एस.टी.एच.एच.एम. ने अपने स्वागत उद्बोधन में विश्व पर्यटन दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी उपयोग समय की आवश्यकता है, जिससे पर्यटन सेवाओं को अधिक सुगम, प्रभावी एवं पर्यटक-अनुकूल बनाया जा सकता है।
इसके पश्चात डॉ. अखिलेश सिंह, कार्यक्रम समन्वयक, एस.टी.एच.एच.एम. ने बताया कि विश्व पर्यटन दिवस प्रतिवर्ष 27 सितम्बर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1970 में विश्व पर्यटन संगठन के संविधान को अपनाया गया था, जबकि इसका प्रथम आयोजन वर्ष 1980 में किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के विश्व पर्यटन दिवस के आधिकारिक आयोजन की मेजबानी एल साल्वाडोर कर रहा है।
मुख्य वक्ता प्रो. अशोक कुमार, विभागाध्यक्ष, पर्यटन एवं आतिथ्य विभाग, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल ने पर्यटन एवं होटल उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ए.आई. के माध्यम से पर्यटन सेवाओं, प्रचार-प्रसार और पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने इसके संभावित जोखिमों के प्रति भी जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. गिरिजा पांडे, निदेशक, सीका ने उत्तराखंड एवं हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटन, मौसम, ट्रैफिक प्रबंधन, होटल बुकिंग तथा डेस्टिनेशन मैनेजमेंट में डिजिटल तकनीक एवं ए.आई. के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने सतत पर्यटन के लक्ष्यों के अनुरूप तकनीक के जिम्मेदार एवं संतुलित उपयोग की आवश्यकता बताई।
प्रो. पी.डी. पंत, निदेशक अकादमिक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का मंच संचालन सुश्री प्रिया बोरा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, गैर-शिक्षण कार्मिक एवं विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से डॉ. सुभाष रमोला, डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, प्रो. जितेंद्र पाण्डेय, डॉ. शशांक शुक्ला, डॉ. घनश्याम जोशी तथा डॉ. नीरज जोशी सहित अनेक प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
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